पुरी में अब 24 घंटे उपलब्ध होगा सीधे नल से पीने लायक पानी, बना ‘ड्रिंक फ्रॉम टैप’ वाला देश का पहला शहर

पुरी ड्रिंक फ्रॉम टैप

पुरी बना सीधे नल से पीने का पानी उपलब्ध कराने वाला देश का पहला शहर (तस्वीर साभार: India Times)

पुरी (Puri) देश का ऐसा पहला शहर बन गया है, जहां लोगों के लिए नल के जरिए ही पीने लायक साफ पानी (Drink from Tap) उपलब्ध होगा। ( city-wide safe drinking tap water) यानी पुरी में अब लोगों को 24 घंटे पीने का पानी सीधे नल के जरिए मिलेगा, जिसका इस्तेमाल सीधे पीने और खाना पकाने के लिए बिना किसी फिल्टर या उबाले किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने ओडिशा की राजधानी पुरी में सुजल-ड्रिंक फ्रॉम टैप मिशन’ को समर्पित करते हुए कहा कि शहर अपने निवासियों को सीधे नल से सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने वाले दुनिया के बड़े शहरों की लीग में शामिल हो गया है।

पुरी बना ड्रिंक फ्रॉम टैप वाला देश का पहला शहर (Puri ‘Drink from Tap’)

नवीन पटनायक ने कहा, ”पुरी देश का पहला शहर है, जिसने ड्रिंक फ्रॉम टैप (सीधे नल से जल) (Drink From Tap) परियोजना को लागू किया है। भगवान जगन्नाथ का वास अग्रणी है। मेट्रो शहरों में भी यह सुविधा नहीं है। आज, पुरी लंदन, न्यूयॉर्क और सिंगापुर सहित दुनिया के सबसे बड़े शहरों की लीग में शामिल हो गया है।” उन्होंने कहा, पुरी के सभी परिवारों को आज से पीने के लिए उपयुक्त नल का पानी मिलेगा।

पटनायक ने कहा, ”ड्रिंक फ्रॉम टैप-सुजल मिशन (Drink From Tap-Sujal Mission) के तहत, पुरी के लोग सीधे नल से पीने के लिए पानी ले सकेंगे। भंडारण या फिल्टर की कोई आवश्यकता नहीं है। नल का पानी 24×7 उपलब्ध होगा।”

पुरी को मिलेगी 400 टन प्लास्टिक कचरे से मुक्ति

मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग 2 करोड़ पर्यटक हर साल पुरी आते हैं, उन्हें अब पुरी में अपने साथ पानी की बोतलें नहीं लानी होंगी। उन्होंने कहा, ”इस कदम से अब 3 करोड़ प्लास्टिक की पानी की बोतलों का उपयोग खत्म हो जाएगा। इसका मतलब यह होगा कि शहर अब लगभग 400 टन प्लास्टिक कचरे से मुक्त हो जाएगा।”

सीएम पटनायक ने कहा कि राज्य में पेयजल का बजट 200 करोड़ रुपये से बढ़ाकर पिछले पांच सालों में दोगुना किया गया जो अब 400 करोड़ रुपये हो गया है। साथ ही उन्होंने कहा कि पुरी में 400 जगहों पर फव्वारे भी लगाए जाएंगे।

पुरी के 15 से अधिक शहरी क्षेत्रों में 15 लाख से अधिक लोगों के लिए पीने के पानी की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए पिछले साल 13 अक्टूबर को सुजल मिशन शुरू किया गया था। इसमें शिकायत निवारण के लिए आईवीआरएस के साथ 24/7 हेल्पलाइन केंद्र, एक मोबाइल जल परीक्षण प्रयोगशाला और जल आपूर्ति शिकायतों के त्वरित निवारण के लिए एक त्वरित प्रतिक्रिया टीम शामिल है।

वहीं आवासीय एवं शहरी विकास मंत्री प्रताप जेना ने कहा कि नल के जरिए स्‍वच्‍छ पीने का पानी ओडिशा के 14 अन्‍य शहरों में भी उपलब्‍ध कराने की योजना है।

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